P-Type या फिर N-Type कोनसा सोलर पैनल घर के लिए ख़रीदे ! P-Type VS N-Type Solar Panels!

P-Type VS N-Type Solar Panels

आप सोलर लेने का सोच रहे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि मार्केट में दो तरह के पैनल्स मिलते हैं। P-Type और N-Type। और ये सिर्फ नाम का फर्क नहीं है। ये आपकी पैनल की परफॉर्मेंस, एफिशिएंसी और सेविंग्स को डायरेक्टली अफेक्ट करता है। तो आज चलिए समझते हैं P-Type VS N-Type Solar Panels में क्या फर्क है और कौन सा आपके लिए बेटर है।

P-Type Solar Panels

सबसे पहले बात करते हैं बेसिक्स की। तो पी टाइप और एन टाइप दोनों अलग-अलग तरह के solar cells होते हैं। जिस मॉड्यूल में P-Type cells यूज़ होते हैं उसे P-Type Panel कहते हैं। और जिसमें N-Type cells लगते हैं उसे N-Type Panel। P Type Solar Cells Silicon वेफर को बोरोन के साथ डोप करते हैं। यानी silicon and boron को मिलाकर यह सेल्स बनाए जाते हैं।

लेकिन बोरोन एक ऐसा एलिमेंट है जो हवा में मौजूद ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करके एक डिफेक्ट बनाता है। जिसे कहते हैं बोरोन ऑक्सीजन डिफेक्ट। इस डिफेक्ट की वजह से पैनल में होता है एलआईडी यानी लाइट इंड्यूस्ड डिग्रेडेशन। लेकिन ये एलआईडी क्या होता है? एलआईडी यानी लाइट इंड्यूस्ड डिग्रेडेशन। एक ऐसी साइंटिफिक फिनोमिना जिसमें सोलर पैनल जब पहली बार धूप के एक्सपोज़र में आता है,

तो उसके अंदर के कुछ केमिकल एलिमेंट्स रिएक्ट करते हैं। जिसका नतीजा यह होता है कि पैनल की एफिशिएंसी अप टू 2% तक गिरती है। ये लॉस परमानेंट होता है। यानी आपकी पैनल की मैक्सिमम कैपेसिटी परमानेंटली कम हो जाती है। इसी वजह से पी टाइप पैनल्स काफी कॉमन होने के बावजूद परफॉर्मेंस में टाइम के साथ डिक्लाइन देखने को मिलता है।

N-Type Solar Panels

अब बात करते हैं N Type Solar Panels की। ये Cells doped with phosphorus किए जाते हैं ना कि बोरोन से। और क्योंकि इनमें बोरोन नहीं होता। इनमें बोरोन ऑक्सीजन डिफेक्ट के चांसेस ही नहीं होते। यानी एन टाइप पैनल्स में एलआईडी बहुत नेग्लिजिबल होता है। ये पैनल्स लॉन्ग टर्म में ज्यादा स्टेबल, ज्यादा एफिशिएंट और ज्यादा ड्यूरेबल होते हैं।

P-Type VS N-Type Solar Panels Price

चलिए अगला अब करते हैं एक सिंपल और सीधा कंपैरिजन। पी टाइप वर्सेस एन टाइप पैनल्स का। सबसे पहला प्राइस। पी टाइप पैनल्स आपको कंपेरेटिवली सस्ते मिल जाएंगे। एन टाइप पैनल्स थोड़े महंगे होते हैं लेकिन उनकी परफॉर्मेंस भी बेटर होती है और एफिशिएंसी का क्या? पी टाइप पैनल की एवरेज एफिशिएंसी होती है 21.1%। वहीं एन टाइप पैनल देता है 22.8% एफिशिएंसी यानी थोड़ी ज्यादा।

P-Type VS N-Type Solar Panels Performance

फिर आता है एक इंपॉर्टेंट पॉइंट परफॉर्मेंस डिग्रेडेशन का। यानी सिस्टम पुराना होने के साथ कम यूनिट्स बनाना। पी टाईप पैनल में होता है एक चीज जिसे कहते हैं एलआईडी लाइट इंड्यूस्ड डिग्रेडेशन। इसका मतलब जब पैनल पहली बार धूप में आता है तो उसकी परफॉर्मेंस परमानेंटली अप टू 2% गिर जाती है। लेकिन एन टाइप पैनल में एलआईडी होता ही नहीं। यानी परफॉर्मेंस का परमानेंट लॉस बहुत कम होता है।

अब बात करते हैं डिग्रेडेशन रेट की। पी टाइप पैनल पहले साल 2% डिग्रेड करता है। उसके बाद हर साल 5% एन टाइप पैनल पहले साल सिर्फ 1% और बाद में 0.4% पर ईयर यानी बेटर लॉन्ग टर्म स्टेबिलिटी और अगर वारंटी की बात करें पी टाइप पैनल देता है 10 से 12 साल की वारंटी। एन टाइप देता है 12 या उससे ज्यादा साल की सॉलिड प्रोडक्ट वारंटी और अवेलेबिलिटी कंपेयर करें पी टाइप पैनल्स आपको आसानी से मिल जाएंगे हर लोकल वेंडर के पास लेकिन एन टाइप पैनल्स थोड़े प्रीमियम कैटेगरी में आते हैं और हर जगह अवेलेबल नहीं होते।

तो निर्णय यह है कि पी टाइप प्रूवन एंड रिलायबल टेक्नोलॉजी है बट एफिशिएंसी थोड़ी कम है लेकिन ईजीली अवेलेबल है और एन टाइप थोड़े ज्यादा एफिशिएंट है लेकिन थोड़े महंगे हैं और अवेलेबिलिटी थोड़ी कम है लेकिन दोनों ही टेक्नोलॉजीस अच्छी है

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